एक कचरा बीनने वाला बालक बना क्रिकेट जगत का "सिक्सर मशीन"
एक कचरा बीनने वाला बालक बना क्रिकेट जगत का "सिक्सर मशीन" क्रिकेट जगत में ऐसी कई विभूतियाँ हुईं जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के बाद एक बड़ा मुकाम हासिल किया। इनमे से एक चेहरा है क्रिस गेल का। ये आज वेस्ट इंडीज़ के साथ विश्व के महान " सिक्सर मशीन" के नाम से प्रसिद्द हैं। क्रिस्टोफर हेनरी गेल 21 सितम्बर 1979 में किंग्स्टन, जमैका में एक बेहद गरीब परिवार में जन्में थे। इनके सदा मुस्कुराते चेहरे के पीछे इनकी बेहद गरीबी का राज़ छुपा है। एक छोटे से झोपड़ी नुमां मकान में अपने परिवार के साथ बिताये दिनों को याद कर वे काफी गंभीर हो जाते हैं। अक्सर वे कचरा बिन कर अपने परिवार के खर्चों को पूरा किया करते। कई बार तो इन्होने छोटी-मोटी चोरियां भी कीं। ऐसी स्थिति में वे अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए। गरीबी और भुखमरी के हालात में भी इनके भीतर क्रिकेट का जूनून सवार हुआ और ये स्थानीय लुकास क्रिकेट क्लब से जुड़े और निकल पड़े अपने जूनून को पाने के लिए। सितम्बर 1999 में इन्हें भारत के विरुद्ध पहले ODI में खेलने का मौका मिला और मार्च 2000 में इन्होने ज़िम्ब...